इंदौर। मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और बूंदाबांदी ने शहर की आबोहवा में ऐसी नमी घोल दी है कि कड़ाके की ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है। बुधवार सुबह जब इंदौरी सोकर उठे, तो उन्हें घने कोहरे और सर्द हवाओं का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से तापमान में अचानक 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
कोहरे की चादर में लिपटा शहर
बुधवार की सुबह इंदौर का दृश्य किसी हिल स्टेशन जैसा था। सुपर कॉरिडोर, बायपास और राजवाड़ा जैसे इलाकों में दृश्यता (Visibility) घटकर महज 50 से 100 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए। विमान सेवा और ट्रेनों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे यात्री घंटों तक देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर फंसे रहे।
तापमान का ग्राफ: न्यूनतम पारा 13.3°C पर पहुंचा
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आज इंदौर का न्यूनतम तापमान 13.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं, ठंडी हवाओं के चलने से ‘फील लाइक’ तापमान (महसूस होने वाली ठंड) 10 डिग्री से भी नीचे महसूस किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान साफ होते ही ‘रेडिएशन कूलिंग’ बढ़ेगी, जिससे रात के तापमान में और भी गिरावट आने की संभावना है। आने वाले 48 घंटों में पारा 10 डिग्री के नीचे जा सकता है।
जनजीवन पर असर: गर्म कपड़ों का बाजार फिर गर्म
दिसंबर के बाद जैसे ही जनवरी के बीच में धूप निकलने लगी थी, लोगों ने गर्म कपड़े पैक करना शुरू कर दिया था। लेकिन कुदरत के इस यू-टर्न ने जैकेट, मफलर और दस्ताने फिर से निकाल दिए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह और रात के वक्त लोग अलाव जलाकर ठिठुरन से बचने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। चाय की थड़ियों पर भीड़ बढ़ गई है और अदरक वाली चाय व पोहे का आनंद लेते लोग ठंड की चर्चा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: सतर्क रहें
अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन (Weather Shift) के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार, खांसी और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या में 30% का इजाफा हुआ है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड हृदय रोगियों के लिए भी संवेदनशील हो सकती है, इसलिए सुबह की सैर के वक्त विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
कृषि पर दोहरी मार
एक तरफ जहाँ बारिश ने शहर के लोगों को ठिठुरने पर मजबूर किया है, वहीं ग्रामीण इलाकों में फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इंदौर के आसपास के क्षेत्रों जैसे सांवेर और देपालपुर में पाला (Frost) गिरने की संभावना जताई गई है। अगर तापमान और गिरता है, तो तुअर और आलू जैसी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में धुआं करें और हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी का तापमान बना रहे।
निष्कर्ष: अभी जारी रहेगा ठंड का ‘सेकंड स्पेल’
इंदौर का मौसम फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी के अंत तक कड़ाके की ठंड का यह दूसरा दौर (Second Spell) जारी रहेगा। उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर सीधा इंदौर के तापमान पर पड़ रहा है। ऐसे में शहरवासियों को अभी कुछ और दिन रजाई और गर्म कपड़ों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।






