इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर, जो अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए देश भर में विख्यात है, आज एक बड़ी आपराधिक साजिश का केंद्र बनते-बनते रह गई। इंदौर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शहर के प्रवेश द्वार पर एक संदिग्ध वाहन से 46 किलो चांदी बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 1.70 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी का मिलना शहर में सक्रिय हवाला कारोबार और अवैध व्यापार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।
नाकाबंदी के दौरान हत्थे चढ़े तस्कर
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बुधवार तड़के शहर के बाहरी इलाके में की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की एसयूवी (SUV) में अवैध रूप से कीमती धातु ले जाई जा रही है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो पिछली सीट के नीचे विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त केबिन (Hidden Compartment) में चांदी की ईंटें और गहने रखे मिले।
पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जो मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में वे इस चांदी के स्वामित्व या परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज, बिल या जीएसटी रसीद पेश नहीं कर सके।
हवाला और अवैध व्यापार का शक
इंदौर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामला केवल टैक्स चोरी का नहीं, बल्कि इसके पीछे एक गहरा नेटवर्क होने की आशंका है। इतनी बड़ी खेप को सड़क मार्ग से गुपचुप तरीके से ले जाना इस बात की पुष्टि करता है कि इसे ‘हवाला’ (Hawala) के जरिए ठिकाने लगाने की तैयारी थी। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि यह चांदी कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य (Destination) क्या था। पुलिस को शक है कि इस खेप को इंदौर के सराफा बाजार में खपाया जाना था, जहां से इसे छोटे शहरों में सप्लाई किया जाता।
आयकर विभाग और जीएसटी टीम सक्रिय
चांदी की बरामदगी के बाद पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग (Income Tax) और जीएसटी (GST) सतर्कता विंग को सूचित किया। जब्त की गई चांदी को सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है। आयकर विभाग के अधिकारी अब पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रहे हैं ताकि इस पूरे रैकेट के ‘आकाओं’ तक पहुँचा जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पैसे का इस्तेमाल आगामी चुनावों या किसी अन्य अवैध गतिविधि में किया जाना था।
सराफा बाजार में हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद इंदौर के ऐतिहासिक ‘सराफा बाजार’ में भी हलचल तेज हो गई है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि कुछ मुट्ठी भर लोग चांदी और सोने के अवैध व्यापार के जरिए शहर की छवि खराब कर रहे हैं। पुलिस ने सराफा व्यापारियों को भी हिदायत दी है कि वे बिना पक्के बिल के किसी भी प्रकार की बड़ी खरीदारी न करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग अभियान तेज
इंदौर में पिछले कुछ दिनों में संदिग्ध नकदी और कीमती धातुओं की बरामदगी के मामले बढ़े हैं। इसे देखते हुए शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध वाहनों की ‘रैंडम चेकिंग’ शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की सुरक्षा और आर्थिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
निष्कर्ष
46 किलो चांदी की यह जब्ती इंदौर पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। हालांकि, असली चुनौती इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने की है। डिजिटल लेनदेन के दौर में भी करोड़ों की धातु का अवैध परिवहन यह बताता है कि ‘अंडरग्राउंड इकोनॉमी’ अभी भी सक्रिय है। अब सभी की निगाहें आयकर विभाग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस काले कारोबार के बड़े चेहरों का पर्दाफाश कर सकती है।






