इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) ने स्नातक (UG) प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के नए दिशा-निर्देशों के तहत, विश्वविद्यालय ने अब तक चली आ रही ‘ऑब्जेक्टिव’ (बहुविकल्पीय) परीक्षा पद्धति को समाप्त कर दिया है। अब विद्यार्थियों को केवल थ्योरी आधारित पेपर देने होंगे। इस नए बदलाव का सीधा असर बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे पाठ्यक्रमों के हजारों छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों की लेखन क्षमता और विषय की गहराई को परखना है, जो ओएमआर (OMR) शीट आधारित परीक्षाओं में संभव नहीं हो पा रहा था।
पेपरों की संख्या बढ़ी: अब 9 की जगह 10 पेपर
नए अकादमिक ढांचे के तहत, यूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को अब कुल 10 पेपर देने होंगे। पहले यह संख्या 9 थी। यह बदलाव विषय चयन की नई व्यवस्था के कारण हुआ है:
- तीन मेजर विषय: अब छात्रों को प्रवेश के समय दो के बजाय तीन मेजर विषयों का चुनाव करना होता है।
- दो माइनर विषय: मुख्य विषयों के साथ दो गौण (Minor) विषयों की परीक्षा भी अनिवार्य है।
- मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स (MDC): ओपन इलेक्टिव की जगह अब एमडीसी कोर्स को शामिल किया गया है।
- वोकेशनल और वैल्यू ऐडेड कोर्स: छात्रों को एक व्यावसायिक (Vocational) और एक जीवन कौशल आधारित (Value-added) पेपर भी देना होगा।
फाउंडेशन कोर्स: ओएमआर शीट को विदा, थ्योरी की एंट्री
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आधार पाठ्यक्रम (Foundation Course) में देखने को मिला है।
- पुराना पैटर्न: पहले हिंदी और अंग्रेजी की परीक्षा एक ही दिन होती थी। यह एक-एक घंटे की ऑब्जेक्टिव परीक्षा होती थी जिसमें छात्रों को ओएमआर शीट पर गोले भरने होते थे।
- नया पैटर्न: अब फाउंडेशन कोर्स पूरी तरह से थ्योरी आधारित होगा। हिंदी और अंग्रेजी दोनों के पेपर अलग-अलग दिनों में आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
विश्वविद्यालय के इस निर्णय पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
- सकारात्मक पक्ष: शिक्षकों का मानना है कि थ्योरी आधारित परीक्षा से छात्रों की विश्लेषणात्मक शक्ति बढ़ेगी। उत्तरों को विस्तार से लिखने से वे विषय को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
- चुनौती: विद्यार्थियों के लिए चुनौती यह है कि उन्हें अब कम समय में अधिक पेपरों की तैयारी करनी होगी। ओएमआर शीट की तुलना में थ्योरी पेपरों में समय प्रबंधन (Time Management) और उत्तर लेखन का अभ्यास अधिक अनिवार्य हो जाएगा।
परीक्षा की समय अवधि और अंक योजना
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि फाउंडेशन कोर्स के नए थ्योरी पेपर अब विस्तृत होंगे। छात्रों को अब बीज शब्द (Keywords) और विस्तृत व्याख्या के साथ उत्तर लिखने होंगे। 10 पेपरों की इस नई व्यवस्था से परीक्षा की समयावधि भी बढ़ेगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में भी अधिक समय लगने की संभावना है।
निष्कर्ष
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का यह बदलाव नई शिक्षा नीति के उन उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक कदम है, जहाँ रटने के बजाय समझने और उसे व्यक्त करने पर जोर दिया जाता है। हालांकि, सत्र के बीच में हुए इस बदलाव से छात्रों को अपनी तैयारी की रणनीति तुरंत बदलनी होगी। विश्वविद्यालय जल्द ही विस्तृत समय-सारणी (Time-table) और मॉडल प्रश्न पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा।





