इंदौर के पॉश और शांत माने जाने वाले महालक्ष्मी नगर इलाके में आज उस समय सनसनी फैल गई, जब एक सुनसान प्लॉट पर खड़ी सफेद रंग की कार के भीतर एक पुजारी का शव लहूलुहान हालत में बरामद हुआ। मृतक की पहचान इलाके के ही एक प्रसिद्ध मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, एफएसएल (FSL) टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुजारी के सिर में गोली का घाव था और कार के चारों दरवाजे अंदर से लॉक थे। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह सुनियोजित हत्या है या फिर पुजारी ने आत्मघाती कदम उठाया है।
कैसे हुआ घटना का खुलासा?
आज सुबह करीब 8 बजे, महालक्ष्मी नगर के सेक्टर-बी स्थित एक खाली प्लॉट के पास से गुजर रहे मॉर्निंग वॉकर्स ने एक कार को लावारिस हालत में खड़ा देखा। कार के शीशे चढ़े हुए थे, लेकिन जब लोगों ने पास जाकर झांका, तो ड्राइवर सीट पर पुजारी को गर्दन झुकाए हुए देखा।
- खिड़की तोड़कर निकाला शव: सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पाया कि कार अंदर से पूरी तरह लॉक थी। काफी मशक्कत के बाद पीछे का शीशा तोड़कर दरवाजे खोले गए।
- सीट पर मिला हथियार: पुलिस को मृतक के पैरों के पास एक कट्टा (देसी पिस्तौल) मिला है। पुजारी के कनपटी पर गोली लगने का निशान है, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
हत्या या आत्महत्या? पुलिस के सामने 3 बड़े सवाल
इंदौर पुलिस इस मामले को बेहद बारीकी से देख रही है क्योंकि घटनास्थल पर मिले साक्ष्य विरोधाभासी हैं:
- कार का लॉक होना: अगर यह आत्महत्या है, तो कार का अंदर से लॉक होना स्वाभाविक है। लेकिन यदि यह हत्या है, तो कातिल ने गोली मारने के बाद कार को बाहर से ‘सेंट्रल लॉकिंग’ के जरिए कैसे लॉक किया? क्या उसके पास कार की दूसरी चाबी थी?
- हथियार का स्रोत: एक मंदिर के पुजारी के पास अवैध हथियार (कट्टा) कहाँ से आया? क्या वे पिछले कुछ समय से किसी खतरे को महसूस कर रहे थे या उन्होंने इसे आत्मघाती कदम के लिए ही खरीदा था?
- अंतिम कॉल डिटेल्स: पुलिस पुजारी के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। पता चला है कि कल रात करीब 11 बजे उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया था, जिसके बाद वे घर से बिना किसी को बताए कार लेकर निकल गए थे।
परिजनों और भक्तों में आक्रोश
पुजारी की मौत की खबर फैलते ही महालक्ष्मी नगर और आसपास के इलाकों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। परिजनों का कहना है कि पुजारी जी काफी शांत स्वभाव के थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज करते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है।
- पॉश इलाके की सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय निवासियों का कहना है कि महालक्ष्मी नगर जैसे वीआईपी इलाके में रात के समय गश्त कम होती है, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और FSL रिपोर्ट का इंतजार
डीसीपी (जोन-2) ने मीडिया को बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाई (MY) अस्पताल भेज दिया गया है।
- फिंगरप्रिंट्स की जांच: एफएसएल टीम ने स्टयरिंग, गियर और पिस्तौल से फिंगरप्रिंट्स के नमूने लिए हैं।
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस इलाके के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगे कैमरों की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि कार के साथ कोई और वाहन तो नहीं था।
निष्कर्ष
महालक्ष्मी नगर का यह मामला इंदौर पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कार के भीतर पुजारी का शव मिलना और वह भी लॉक स्थिति में, किसी फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं है। क्या पुजारी किसी ‘हनीट्रैप’ या ‘ब्लैकमेलिंग’ का शिकार थे, या फिर मंदिर की जमीन से जुड़ा कोई विवाद उनकी मौत का कारण बना? इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साइबर सेल की जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे।






