इंदौर: हृदय स्थल राजवाड़ा पर आज एक ऐतिहासिक प्रयोग होने जा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित व्यापारिक क्षेत्र राजवाड़ा को भीड़भाड़ और प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए इंदौर नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस आज शाम एक विशेष ‘नो व्हीकल ज़ोन’ (No Vehicle Zone) का ट्रायल कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य राजवाड़ा महल के आसपास के वातावरण को पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है।
ट्रायल का मुख्य उद्देश्य: विरासत को पहचान और पैदल यात्रियों को सम्मान
राजवाड़ा केवल एक चौराहा नहीं है, बल्कि इंदौर की ऐतिहासिक धरोहर है। शाम होते ही यहाँ पैर रखने की जगह नहीं बचती, क्योंकि दोपहिया और चार पहिया वाहनों का शोर और धुआं इसकी खूबसूरती को दबा देता है। प्रशासन का उद्देश्य है कि:
- पर्यटक और स्थानीय लोग बिना किसी डर के महल के सामने घूम सकें।
- ट्रैफिक जाम की स्थिति को जड़ से खत्म किया जाए।
- ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम कर ऐतिहासिक इमारत को संरक्षित किया जाए।
ट्रैफिक डायवर्जन: कहाँ से जाएँ और कहाँ रुकें?
आज शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक राजवाड़ा की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग रहेगी। यदि आप सराफा बाजार या बर्तन बाजार जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बदलावों को ध्यान में रखें:
- मृगनयनी से राजवाड़ा: इस मार्ग पर सामान्य वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। वाहनों को नगर निगम या शिवाजी मार्केट की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
- सराफा जाने वाला रास्ता: सराफा जाने वाले श्रद्धालुओं और चटोरों के लिए रास्ता संजय सेतु या नंदलालपुरा की ओर से खुला रहेगा। राजवाड़ा के मुख्य द्वार के सामने से एंट्री बंद रहेगी।
- इमली बाजार और बड़ा गणपति: यहाँ से आने वाले ट्रैफिक को रामलक्ष्मण बाजार की ओर मोड़ा जाएगा।
पार्किंग की नई व्यवस्था
‘नो व्हीकल ज़ोन’ को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की है।
- शिवाजी मार्केट पार्किंग: यहाँ दोपहिया वाहनों के लिए अतिरिक्त जगह बनाई गई है।
- गांधी हॉल परिसर: चार पहिया वाहनों को गांधी हॉल या नगर निगम परिसर की पार्किंग में खड़ा करने की सलाह दी गई है।
- ई-रिक्शा फीडर सेवा: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पार्किंग स्थल से राजवाड़ा महल तक विशेष ई-रिक्शा चलाने की योजना है।
व्यापारियों और ग्राहकों पर असर
राजवाड़ा और सराफा के व्यापारियों में इस ट्रायल को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। जहाँ कुछ दुकानदार इस बात से चिंतित हैं कि वाहन न आने से व्यापार प्रभावित हो सकता है, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वॉकिंग स्ट्रीट’ बनने से लोगों के रुकने का समय (Dwell Time) बढ़ेगा, जिससे अंततः बिक्री में इजाफा होगा। दुनिया भर के बड़े शहरों (जैसे लंदन का ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट या दिल्ली का चांदनी चौक) में यह मॉडल बेहद सफल रहा है।
स्मार्ट सिटी और स्वच्छता 2026 का हिस्सा
यह ट्रायल इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों का एक हिस्सा है। नगर निगम की योजना है कि यदि आज का ट्रायल सफल रहता है, तो राजवाड़ा महल के सामने के 200-300 मीटर के हिस्से को स्थायी रूप से ‘पैदल पथ’ घोषित कर दिया जाए। यहाँ सुंदर लाइटिंग, बैठने के लिए बेंच और डस्टबिन लगाए जाएंगे ताकि यह क्षेत्र यूरोपीय शहरों के ‘पियाज़ा’ जैसा महसूस हो।
प्रशासन की अपील
ट्रैफिक डीसीपी ने इंदौरवासियों से अपील की है कि वे इस ट्रायल में सहयोग करें। आज शाम राजवाड़ा की ओर अपने निजी वाहन लाने के बजाय लोक परिवहन का उपयोग करें। पुलिस के ‘यलो मार्शल’ और वॉलंटियर्स हर मोड़ पर जनता का मार्गदर्शन करने के लिए तैनात रहेंगे।
निष्कर्ष
राजवाड़ा इंदौर की आत्मा है। इसे गाड़ियों के शोर से मुक्त करना न केवल एक प्रशासनिक प्रयोग है, बल्कि शहर के गौरव को सहेजने की एक कोशिश भी है। आज शाम का यह ट्रायल तय करेगा कि भविष्य का राजवाड़ा कैसा दिखेगा—धुएं से भरा चौराहा या सुकून भरी एक शाम।






