महू (इंदौर)। स्वच्छ सर्वेक्षण में सिरमौर रहने वाले इंदौर जिले के महू छावनी क्षेत्र से एक डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के पत्ती बाजार और मोती महल इलाकों में सरकारी नलों से आने वाले दूषित पानी ने कहर बरपा दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद 25 से अधिक लोगों को गंभीर हालत में मध्य भारत अस्पताल (महू) और इंदौर के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कैसे फैला संक्रमण?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से नलों में मटमैला और दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा था। निवासियों ने इसकी शिकायत छावनी परिषद (Cantonment Board) के कर्मचारियों से भी की थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि इलाके की मुख्य पेयजल पाइपलाइन के पास से गुजर रही सीवर लाइन में लीकेज हो गया है। सीवर का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल गया, जिसे पीने के बाद एक के बाद एक कई परिवार संक्रमण की चपेट में आ गए।
देर रात अस्पताल पहुंचे दिग्गज
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और स्थानीय विधायक व पूर्व मंत्री उषा ठाकुर देर रात महू के मध्य भारत अस्पताल पहुंचे।
- कलेक्टर का एक्शन: कलेक्टर ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूरे इलाके में घर-घर सर्वे (Door-to-Door Survey) करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद डॉक्टरों से कहा कि किसी भी मरीज के इलाज में कोताही न बरती जाए और यदि आवश्यकता हो तो मरीजों को इंदौर के एमवाय (MY) अस्पताल रेफर किया जाए।
- उषा ठाकुर की चेतावनी: विधायक उषा ठाकुर ने छावनी परिषद के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पाइपलाइन को तत्काल बदलने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और एहतियात
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज सुबह प्रभावित क्षेत्रों से पानी के 10 से ज्यादा नमूने (Samples) लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला ‘एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस’ (Acute Gastroenteritis) का है।
- मेडिकल कैंप: पत्ती बाजार में एक अस्थाई मेडिकल कैंप लगाया गया है जहाँ लोगों को ओआरएस (ORS) के पैकेट और क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।
- अस्थाई रोक: प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में फिलहाल नल से जल की आपूर्ति बंद कर दी है और टैंकरों के माध्यम से साफ पानी पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय जनता में भारी आक्रोश
इंदौर के भागीरथपुरा में हाल ही में हुए जलकांड (जहाँ कई मौतें हुईं) के बाद महू की इस घटना ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि महू छावनी परिषद का बुनियादी ढांचा काफी पुराना हो चुका है। पाइपलाइनें दशकों पुरानी हैं जो जगह-जगह से गल चुकी हैं। लोगों का कहना है कि वे हर साल जलकर (Water Tax) देते हैं, फिर भी उन्हें ‘जहर’ पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने महू के नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- पानी को कम से कम 20 मिनट तक उबालकर और ठंडा करके ही पिएं।
- पानी के भंडारण टैंकों की सफाई क्लोरीन पाउडर से करें।
- यदि परिवार में किसी को भी हल्का पेट दर्द या उल्टी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
निष्कर्ष
महू की यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है। दूषित पानी की समस्या अब धीरे-धीरे इंदौर के उपनगरों में भी अपने पैर पसार रही है। यदि समय रहते सीवर और पेयजल लाइनों के ‘क्रॉस-कनेक्शन’ को ठीक नहीं किया गया, तो यह स्थिति किसी बड़े महामारी का रूप ले सकती है।






