इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी को कम करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए बनाया जा रहा यह सिक्स लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक है। विशेष रूप से 2028 में होने वाले सिंहस्थ (कुंभ) को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट की गति तेज कर दी गई है।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति (Status)
जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का लगभग 47% से 50% काम पूरा हो चुका है। मुख्य सड़क (कैरिज-वे) बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन पुलों और ओवरब्रिज का निर्माण अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
- डेडलाइन में बदलाव: पहले इसे 2025 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन फ्लाईओवर्स और ब्रिज निर्माण में देरी के कारण अब इसकी नई डेडलाइन जनवरी 2027 तय की गई है।
- कुल लंबाई: यह मार्ग लगभग 46 किलोमीटर लंबा है, जिसे पूरी तरह से 6-लेन (3-3 लेन दोनों तरफ) बनाया जा रहा है।
क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
- यातायात का भारी दबाव: वर्तमान में इंदौर-उज्जैन रोड पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। भारी वाहनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह सिक्स लेन सड़क उस समय मुख्य लाइफलाइन साबित होगी।
- समय की बचत: वर्तमान में इंदौर से उज्जैन पहुँचने में लगभग 1.5 से 2 घंटे लगते हैं, जो इस प्रोजेक्ट के बाद घटकर मात्र 45 से 60 मिनट रह जाएंगे।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
- फ्लाईओवर्स और अंडरपास: स्थानीय गांवों और चौराहों पर ट्रैफिक जाम से बचने के लिए 5 से अधिक प्रमुख फ्लाईओवर्स और कई अंडरपास बनाए जा रहे हैं।
- ग्रीन कॉरिडोर: सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में पेड़ लगाए जा रहे हैं ताकि इसे एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जा सके।
- स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम: इस रोड पर उन्नत CCTV कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
निर्माण में आ रही चुनौतियां
- पुल निर्माण में देरी: इंदौर के अरविंदो अस्पताल के पास और उज्जैन प्रवेश द्वार के पास बन रहे बड़े फ्लाईओवर्स का काम तकनीकी कारणों से धीमा है।
- अतिक्रमण और भूमि अधिग्रहण: कुछ हिस्सों में भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहे अदालती मामलों के कारण निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई है।
- बारिश का प्रभाव: पिछले मानसून के दौरान भारी बारिश की वजह से मिट्टी के कटाव और बेस निर्माण में रुकावट आई थी।
भविष्य का प्रभाव
यह सिक्स लेन प्रोजेक्ट न केवल इंदौर और उज्जैन को जोड़ेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को भी बढ़ावा देगा। महाकाल लोक के निर्माण के बाद से उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है, जिसे संभालने के लिए यह सड़क अनिवार्य है। इसके साथ ही, इंदौर-उज्जैन के बीच स्थित उद्योगों और लॉजिस्टिक्स हब को भी इससे बड़ी मजबूती मिलेगी।






