राजकुमार ब्रिज बस हादसा: मौत के मुंह से निकला युवक और धू-धू कर जली बस

प्रस्तावना: इंदौर, जिसे अपनी स्वच्छता और व्यवस्थित विकास के लिए जाना जाता है, आज सुबह एक भीषण सड़क हादसे और उसके बाद हुई अग्नि त्रासदी का गवाह बना। शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक, राजकुमार ब्रिज पर एक यात्री बस और एक्टिवा के बीच हुई भिड़ंत ने न केवल यातायात को ठप कर दिया, बल्कि लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। यह हादसा तब हुआ जब शहर मकर संक्रांति के उत्साह में डूबा हुआ था।

हादसे का घटनाक्रम: बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे, जब राजकुमार ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी, एक निजी चार्टर्ड बस (जो संभवतः यात्रियों या किसी कंपनी के स्टाफ को लेकर जा रही थी) तेज गति से ब्रिज पर चढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे वह अपना नियंत्रण खो बैठा। इसी दौरान बस ने अपने आगे चल रहे एक एक्टिवा सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक उछलकर सड़क पर गिरा और उसकी स्कूटी बस के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गई। बस की गति अधिक होने के कारण चालक तुरंत ब्रेक नहीं लगा पाया और युवक बस के अगले पहिए के पास फंसकर करीब 15-20 फीट तक सड़क पर घिसटता चला गया। दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोग चिल्लाने लगे और तुरंत बस को घेर लिया।

चमत्कारिक बचाव और जनता की तत्परता: जैसे ही बस रुकी, स्थानीय निवासियों और अन्य वाहन चालकों ने बिना समय गंवाए बस के नीचे फंसे युवक को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। युवक का पैर बस के चेसिस और स्कूटी के मलबे के बीच फंसा हुआ था। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। आश्चर्यजनक रूप से, मौत के इतने करीब होने के बावजूद युवक की जान बच गई। उसे तुरंत एंबुलेंस के जरिए पास के एम.वाई. (MY) अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर लेकिन खतरे से बाहर बताई है।

अग्नि तांडव: धू-धू कर जली बस: अभी लोग युवक की जान बचने पर राहत की सांस ले ही रहे थे कि अचानक बस के अगले हिस्से (इंजन) से काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते बस के निचले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। माना जा रहा है कि स्कूटी के बस के नीचे घिसटने से पेट्रोल की पाइपलाइन फट गई थी और रगड़ से पैदा हुई चिंगारी ने आग पकड़ ली।

बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से बाहर कूदे। महज 5 से 7 मिनट के भीतर पूरी बस आग के गोले में तब्दील हो गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि ब्रिज के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार भी इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक देखा जा सकता था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई।

प्रशासनिक कार्रवाई और दमकल की भूमिका: हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल की दो गाड़ियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। पुलिस ने ब्रिज के दोनों ओर के रास्तों को बंद कर दिया ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। प्रारंभिक जांच में बस ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना गया है। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश जारी है।

निष्कर्ष: राजकुमार ब्रिज पर हुआ यह हादसा इंदौर की सड़कों पर बढ़ती रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी का एक और उदाहरण है। हालांकि, इस घटना में सबसे सुखद पहलू जनता की वह तत्परता रही जिसने समय रहते युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क पर एक पल की सावधानी हटने से न केवल वाहन बल्कि कई जिंदगियां खाक हो सकती हैं।

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