इंदौर। मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शहर में हथियारों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ इंदौर की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर आरोपियों को उस समय धर दबोचा, जब वे हथियारों की एक बड़ी खेप की डिलीवरी करने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके कब्जे से आधुनिक घातक पिस्तौलें और भारी मात्रा में कारतूस व मैगजीन बरामद की हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह के “सप्लाई चेन” और उन खरीदारों की तलाश में जुट गई है, जिनके लिए ये हथियार मंगाए गए थे।
सटीक इनपुट पर बिछाया गया जाल
एसटीएफ को पिछले कई दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि खरगोन और धार जिले के सिकलीगरों द्वारा बनाए गए अवैध हथियार इंदौर के रास्ते बाहरी राज्यों में भेजे जा रहे हैं। एसटीएफ की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी मुखबिरों की मदद से संदिग्धों को ट्रैक करना शुरू किया।
आज तड़के जब गिरोह के सदस्य इंदौर के बाहरी इलाके में एक गुप्त स्थान पर खेप बदलने के लिए इकट्ठा हुए, तभी सादी वर्दी में तैनात एसटीएफ के जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के बैग से विदेशी डिजाइनों से प्रेरित आधुनिक पिस्तौलें मिलीं, जो पहली नजर में फैक्ट्री-मेड लगती हैं।
हथियारों की गुणवत्ता देख अफसर भी हैरान
जब्त किए गए हथियारों की फिनिशिंग और मारक क्षमता को देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए।
- विदेशी डिजाइन: बरामद पिस्तौलें देखने में बेहद आधुनिक हैं और इनमें से कुछ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे आसानी से ‘कंसील’ (छिपाई) जा सकें।
- मैगजीन और कारतूस: आरोपियों के पास से भारी संख्या में एक्स्ट्रा मैगजीन भी मिली हैं, जो यह संकेत देती हैं कि ये हथियार किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से खरीदे गए थे।
- कीमत: अवैध बाजार में इन हथियारों की कीमत लाखों में बताई जा रही है।
सिकलीगरों और गैंगस्टर्स का कनेक्शन
प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये तस्कर सीधे तौर पर निमाड़ क्षेत्र के अवैध हथियार बनाने वाले केंद्रों से जुड़े हुए थे। गिरोह का काम इन हथियारों को इंदौर लाकर वहां से राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अपराधियों तक पहुंचाना था।
एसटीएफ के रडार पर अब निम्नलिखित बिंदु हैं:
- क्रेता नेटवर्क: ये हथियार किन स्थानीय बदमाशों या गैंगस्टर्स ने बुक किए थे?
- पेमेंट मोड: क्या हथियारों का लेन-देन हवाला या डिजिटल करेंसी के जरिए हो रहा है?
- लॉजिस्टिक्स: शहर के भीतर इन हथियारों को छिपाने के लिए कौन से सेफ-हाउसेज का इस्तेमाल किया जा रहा था?
इंदौर में ‘अवैध शस्त्र’ एक चुनौती
इंदौर अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अवैध हथियारों की तस्करी के लिए एक ‘ट्रांजिट हब’ बनता जा रहा है। हालांकि, एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की सक्रियता ने हाल के महीनों में कई बड़ी खेप पकड़ी हैं। एडीजी एसटीएफ ने टीम को इस सफलता पर पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
निष्कर्ष
एसटीएफ की इस कार्रवाई से इंदौर में सक्रिय अपराधी गिरोहों की कमर टूट गई है। आधुनिक पिस्तौलों की बरामदगी यह बताती है कि अपराधी अब केवल कट्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सेमी-ऑटोमैटिक हथियारों तक पहुंच बना चुके हैं। पुलिस की आने वाली रिमांड में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के अन्य जिलों में भी छापेमारी की जा सकती है।





